UP News एएमयू में भड़काऊ बयान देने पर डॉ कफील पर लगाया एनएसए NSA imposed on Dr Kafeel for making provocative statements in AMU regarding CAA

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CAA को लेकर AMU में भड़काऊ बयान देने पर डॉ. कफील पर लगाया NSA

Aligarh (AKK News): On Friday, NSA action was taken against social activist Dr. Kafeel Khan of Gorakhpur who was lodged in Mathura jail for making inflammatory speech in AMU. Earlier, a case was filed against him under the 153 IT Act, in which he could not be released even after 72 hours of getting bail from the CJM court. There was complete preparation for Kafeel’s release. Family members had reached outside the prison. On the occasion, the release was stopped by the sounding of a rasuka. Rasuka’s first action has taken place across the country regarding CAA.

Commentary also against Union Home Minister Amit Shah
Dr. Kafeel had also made remarks against Union Home Minister Amit Shah while giving inflammatory speeches against the Citizenship Amendment Act on December 12 during a meeting held at Babu Syed in AMU. In this case, on December 13, the police registered a case against Dr. Kafeel at the Civil Lines Police Station. On 29 January, UP STF arrested Dr. Kafeel from Mumbai. He was brought to Aligarh on February 1, where in view of the atmosphere, he was sent to Mathura jail for 14 days in judicial custody within an hour.

Case filed under NSA
A bail petition was filed in the CJM court through Kafeel’s lawyer Irfan Ghazi. On February 10, bail was granted. Advocate Irfan Ghazi told that Parwana was sent to Mathura jail on Wednesday, which was not received, saying that special messengers should be sent. The advocate said that this is a violation of the court order. After this special messenger was sent on Thursday, who reached Mathura jail late in the evening. The paperwork was completed in the night, but the time for release was given at six o’clock in the morning. Here, as soon as morning, when the family and Kafeel’s support reached Mathura jail, it was found that they have now been booked under Rasuka.

DM’s recommendation started in the morning
Special messenger Parmeet Kumar was sent on Friday evening when the first parwana regarding the release of Dr. Kafeel was not received in Mathura jail. Parwana entered at around eight in the night. Then set a morning time for release. Here, the administration feared that the release of Kafeel might worsen the Aligarh atmosphere. After this, the process went on overnight for Rasuka’s action to stop Kafeel’s release. In the morning, the DM’s recommendation got the final seal.

This speech was given in AMU
Kafeel had said that the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) is not going to follow the constitution but spread the ideology of hate. The mob is a well thought out conspiracy by the Sixth Government. She will not be able to scare the Muslims under the guise of this. He had said that we have always read and heard in the culture of India that neither Hinduism will be made nor a Muslim will be made, humans will have children. But by bringing a cab, Mota Bhai (Amit Shah) is saying that Hinduism will become Hindu and Muslims will become Muslims. Those whose clothes are soaked with blood, what would they understand the constitution of Baba Saheb? Dr. Kafeel said that, the government has told through cab that we are tenants. Similarly, minorities in Pakistan have also been shown to be tenants. But it does not matter. This is a fight for survival of all of us. Aligarh will have to become the leader in this.

NSA took action
CO III Anil Samania says that Dr Kafeel was to be released after the bail was granted. In such a situation, the NSA has taken action against Dr. Kafeel in view of the environment of the city.

मथुरा जेल में बंद डॉ. कफील खान के खिलाफ NSA
एएमयू में भड़काऊ भाषण देने के मामले में मथुरा जेल में बंद गोरखपुर के सोशल एक्टिविस्ट डॉ. कफील खान के खिलाफ शुक्रवार को रासुका की कार्रवाई की गई। इससे पहले उन पर 153 आइटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें सीजेएम कोर्ट से जमानत मिलने के 72 घंटे बाद भी रिहाई नहीं हो सकी थी। कफील की रिहाई की पूरी तैयारी हो चुकी थी। परिवार के सदस्य जेल के बाहर पहुंच चुके थे। ऐन मौके पर रासुका लगने से रिहाई रोक दी गई। सीएए को लेकर देशभर में रासुका की पहली कार्रवाई हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी टिप्पणी
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 12 दिसंबर को एएमयू में बाबे सैयद पर आयोजित सभा के दौरान डॉ. कफील ने भड़काऊ भाषण देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी टिप्पणी की थी। इस मामले में 13 दिसंबर को पुलिस ने डॉ. कफील के खिलाफ सिविल लाइंस थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। 29 जनवरी को यूपी एसटीएफ ने डॉ. कफील को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। उसे एक फरवरी को अलीगढ़ लाया गया, जहां माहौल को देखते हुए एक घंटे के अंदर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मथुरा जेल भेज दिया था। ajkikhabar.com

एनएसए के तहत मुकदमा दर्ज किया
कफील के वकील इरफान गाजी के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका डाली थी। 10 फरवरी को जमानत मंजूर हो गई। अधिवक्ता इरफान गाजी ने बताया कि बुधवार को मथुरा जेल में परवाना भेजा गया था, जो यह कहकर रिसीव नहीं किया कि विशेष संदेशवाहक भिजवाया जाए। अधिवक्ता ने कहा कि यह कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। इसके बाद गुरुवार को विशेष संदेशवाहक भेजा गया, जो देर शाम मथुरा जेल पहुंचा। रात में ही कागजी कार्रवाई पूरी हो गई थी, लेकिन रिहाई के लिए सुबह छह बजे का समय दे दिया गया। इधर, सुबह होते ही परिजन व कफील के समर्थन जब मथुरा जेल में पहुंचे तो पता चला कि उन पर अब रासुका के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ajkikhabar.com

सुबह अलीगढ़ डीएम की संस्तुति पर NSA लगी
डॉ. कफील की रिहाई को लेकर पहला परवाना जब मथुरा जेल में रिसीव नहीं हुआ तो शुक्रवार शाम को विशेष संदेशवाहक परमीत कुमार को भेजा गया। रात करीब आठ बजे परवाना दाखिल हुआ। फिर रिहाई के लिए सुबह का समय निर्धारित कर दिया। इधर, प्रशासन को आशंका थी कि कफील की रिहा होने से अलीगढ़ का माहौल बिगड़ सकता है। इसके बाद कफील की रिहाई रोकने के लिए रासुका की कार्रवाई को लेकर रातभर प्रक्रिया चली। सुबह डीएम की संस्तुति पर आखिरी मुहर लगी। ajkikhabar.com

एएमयू में ये दिया था भाषण
कफील ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संविधान को मानने वाली नहीं, बल्कि नफरत की विचारधारा को फैलाने वाली है। भीड़ हिंसा सरकार की सोची समझी साजिश है। इसकी आड़ में वो मुस्लिमों को डरा नहीं पाएगी। उन्होंने कहा था कि हमने भारत की संस्कृति में हमेशा पढ़ा व सुना है कि न हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा। मगर कैब लाकर मोटा भाई (अमित शाह) कह रहे हैं कि हिंदू तो हिंदू बनेगा व मुसलमान मुस्लिम ही बनेगा। जिनके कपड़े खुद खून से सने हों वो बाबा साहब के संविधान को क्या समझेंगे? डॉ. कफील ने कहा कि, सरकार ने कैब के जरिए ये बताया है कि, हम किराएदार हैं। ऐसा ही पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को भी किराएदार होने का आभास कराया गया है। मगर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये हम सबके वजूद की लड़ाई है। अलीगढ़ को इसमें लीडर बनना होगा। ajkikhabar.com

एनएसए की कार्रवाई की

सीओ तृतीय अनिल समानिया का कहना है कि डॉ. कफील की जमानत मंजूर होने के बाद रिहाई होनी थी। ऐसे में शहर के माहौल को देखते हुए डॉ. कफील के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई है। ajkikhabar.com

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